पेट में सूजन क्यों होती है?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 12:30

जानिए क्या है पेट में सूजन के लक्षण, आपके किचन में ही मौजूद है घरेलू उपचार
कई बार व्यक्ति को पेट फूला हुआ सा महसूस होता है और लोग इसे वजन बढ़ने की निशानी समझ लेते हैं. पेट का यह उभार या फूलना पेट की सूजन भी हो सकती है. पेट की सूजन को गेस्ट्राइटिस कहते हैं और इसके कई बार कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. कुछ लोगों में जिनमें इसके लक्षण दिखाई देते हैं उनमें पेट के ऊपरी हिस्से में बेचैनी और दर्द एक आम लक्षण होते हैं. पेट में सूजन सामान्य रूप से पेट में अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया के इन्फेक्शन के कारण होता है. myUpchar के अनुसार पेट की परत कमजोर होने पर पाचन रस सूजन बढ़ाने और नुकसान पहुंचाने लगते हैं जो कि गेस्ट्राइटिस का कारण बनते हैं. पेट की कमजोर और पतली परत ही इसे बढ़ावा देती हैं. शराब का अत्यधिक सेवन, नॉनस्टेरॉयडल एंटी इन्फ्लामेटरी दवाओं और दर्द निवारक दवाओं का रोजाना सेवन, तंबाकू या धूम्रपान, तनाव आदि इसके जोखिम के कारक हैं. पेट में सूजन होने पर पेट के ऊपरी हिस्से के बीच में दर्द होता है. अन्य लक्षणों में डकार और उबकाई, मतली और उल्टी, पेट भरा हुआ महसूस होना, पेट में उभार या फूला हुआ पेट है. इसके अलावा कुछ लोगों में पसीना आना, बेहोशी या सांस लेने में कठिनाई, तेज पेट दर्द, उल्टी में या मल में खून भी आता है. अगर गेस्ट्राइटिस के लक्षण एक या एक सप्ताह से ज्यादा दिन तक दिख रहे हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. गेस्ट्राइटिस में वसा युक्त खाद्य पदार्थों, तले हुए खाद्य पदार्थों, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, मसालेदार भोजन, फलों के रस, अम्लीय खाद्य पदार्थ जैसे टमाटर, शराब, कॉफी से परहेज करना चाहिए. पेट में सूजन से परेशान होने पर कुछ घरेलू उपचार अपनाकर भी राहत पा सकते हैं. दही

प्रतिदिन एक कप प्रोबायोटिक्स युक्त दही खाने से वह हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट होते हैं जो कि पेट में सूजन का कारण बनते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो कि शरीर के बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं. साथ ही पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं.

अदरक

यूं तो अदरक को सीधा खा सकते हैं, लेकिन चाहें तो अदरक को पानी में उबाल कर इसका मिश्रण पी सकते हैं. रोजाना सुबह एक बार लेने पर पेट की सूजन कम या खत्म हो सकती है. हल्दी

गेस्ट्राइटिस के इलाज का बेहतरीन विकल्प हल्दी है. इसमें करक्यूमिन नाम का पदार्थ होता है, जिसके कारण यह औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है. एंटीवायरस, एंटीबैक्टीरियल और एंटी कैंसर गुण फायदा करते हैं. रोजाना एक कटोरी पानी में हल्दी और दही या केले को मिलाकर पेस्ट बनाएं. इस पेस्ट को नाश्ते में खाएं.

लौंग का तेल

इसका इस्तेमाल पेट के तनाव को कम करने में मदद करता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. तेल में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो पेट की सूजन के लक्षण में आराम दिलाते हैं.

लहसुन

एक टुकड़ा लहसुन और आधा चम्मच पीनट बटर या एक खजूर लें. लहसुन को पीस लें और उसमें एक चम्मच पीनट बटर के साथ खाएं या लहसुन के पेस्ट को खजूर पर लगाकर खाएं. हालांकि, कच्चे लहसुन खाने से भी फायदा होगा.

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